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एक हजार नाम यानी महालक्ष्मी सहस्रनाम पाठ से मां का आह्वान….
अम्बार लगे बादाम-अखरोट-काजू समेत मेवों के, आहूति के रुप में डाला महायज्ञ कुण्ड में
कृष्णगिरी। श्री पार्श्वपद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम में 23 जुलाई तक आयोजित हो रहे हिन्दुस्थान के 100 वर्षों के इतिहास में अपने आप में अनूठे अद्भुत, अलौकिक, अकल्पनीय श्री विश्वशांति एवं महालक्ष्मी कुबेर अनुष्ठान में शुक्रवार को राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. की निश्रा में यज्ञ कुटीर में अम्बार लगे अखरोट, बादाम, काजू, खोपरा सहित अनेक मेवों को आहूति के रुप में महायज्ञ कुण्ड में डाला गया। बादाम की आहूति चांदी की बड़े थाल (प्रात) से दी गयी। बताया गया कि महालक्ष्मी माता की प्रिय चांदी ही द्रव्य है।
चांदी से मां लक्ष्मी खुश होती है। इस दौरान महालक्ष्मी सहस्रनाम पाठ यानि 1000 नाम से मां को याद भी किया गया। विश्व में आनंदमयी वातावरण, कोरोना महामारी से मुक्ति मिले और सभी समृद्धिवान रहें, दिन दुगुनी-रात चौगुनी उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें, के उद्देश्य से 108 महाविद्वान विप्र पंडितों द्वारा महायज्ञ को सम्पन्न कराया जा रहा है। ये सभी पंडित एक-एक मंत्र से आहूति देकर मां भगवती को प्रसन्न करने में पिछले तीन दिनों से अनुष्ठान कर रहे हैं।
‘संकल्प सिद्ध हो गया तो जिंदगी भर के लिए गरीबों का घर बन जाएगा अमीर’
पूज्य गुरुदेव, मन्त्र शिरोमणि, राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. के पावन सानिध्य में सदी के सबसे बड़े महायज्ञ के दौरान यज्ञ कुटीर में बनाए गए 10 यज्ञ कुण्डों में से मुख्य कुण्ड में 150 किलो घी तथा अन्य 10 कुण्ड में 15-15 किलो घी डाला गया। राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने बताया कि अग्नि में इन मेवों, औषधियों, घी सहित अनेक सामग्रियों को डालकर भस्म करने से महालक्ष्मी न केवल खुश होंगी बल्कि संकल्प से ली गयी आहूति, इन पदार्थों से भारत में कभी दरिद्रता नहीं हो, ऐसे लिए गए संकल्प सिद्ध हो गया तो गरीबों का घर जिंदगी भर के लिए अमीरों का घर बन जाएगा। वे बोले कि महालक्ष्मी के निमित्त किए गए इन सामग्रियों से ‘लाइफटाइम इंश्योरेंस’ है। मां एक बार ही लेगी और जिंदगी भर देगी और जो भी श्रद्धालू मां की भक्ति करने के साथ-साथ आह्वान करेगा उसमें 500 लोगों को गरीबों को प्रतिदिन खिलाने की ताकत आ जाएगी।
साढ़े तीन हजार किलो की सामग्रियों से दी गयी आहूतियां, सोने के सिक्के भी डाले यज्ञ कुण्ड में
राष्ट्रसंत वसंतविजयजी म.सा. ने कहा कि देश में विद्वान लोग वायु प्रदूषण को कम करने के लिए यज्ञ किया करते थे और तब हमारे देश में कई तरह के रोग नहीं होते थे। लेकिन वर्तमान में विश्वव्यापी कोरोना महामारी अपना रौद्र रुप न केवल हमारे हिन्दुस्थान बल्कि विदेशों में भी दिखा रही है। कोरोना के खात्मे, शुभकामनाएं स्वास्थ्य एवं हिन्दुस्थानवासियों के सुखी-समृद्धि के लिए आयोजित किए जा रहे महायज्ञ में शहद, घी, मेवों सहित अनेक सामग्रियों की आहूति दी जा रही है।
शुक्रवार को दिनभर साढ़े तीन हजार किलो की सामग्रियों से आहूतियां दी गयी। वहीं संध्याकाल से पहले मुख्य यज्ञ में देशभर के भक्तों द्वारा कोरियर से भेजे गए सैकड़ों किलो मेवे, विशेष द्रव्यों के साथ मुख्य आहूति दी गयी। साथ ही साथ सोने के सिक्के, कमल के पुष्प, सफेद चंदन की दिव्य लकडिय़ां, दिव्य लाल चंदन, दिव्य-दुर्लभ अगर और तगर की लकडिय़ां, असली चंदन के टुकड़े-टुकड़े, सुपारी, जायफल, इलायची, दिव्य कमल गट्टे, सफेद सरसों, काले तिल, जौ, शहद भी यज्ञ कुण्ड में डाले गए।
आने वाले 7 दिनों में यज्ञ कुण्ड में डाले जाएंगे 40 हजार किलो मेवे, घी और औषधियां
सिद्ध साधक, राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा. ने बताया कि 14 से 23 जुलाई तक आयोजित हो रहे ब्रह्माण्ड के सदी के इतिहास में सबसे बड़े दिव्य वैभवयुक्त महामंगलकारी महायज्ञ में तीन दिन पूर्ण हो चुके हैं और आने वाले सात दिनों में यज्ञ कुण्ड में 40 हजार किलो मेवे, घी और औषधियां डाली जाएंगी।
पीएम मोदी को भी भेजा जाएगा कलश
महाअनुष्ठान सम्पन्न करने के बाद घर को स्वर्ग बनाने वाले 5 हजार दिव्य कलशों को महालक्ष्मी कुबेर मंत्रों से 1 करोड़ कुमकुम पूजन, 10 लाख हवन आहूतियों और 25 लाख धन्वंतरि कुबेर जाप के साथ सिद्ध किया जा रहा है। इसी कलश में अनेक दिव्य औषधियां व जड़ी बूटियां, नवरत्न, 32 उपरत्न, 32 हीलिंग जेमस्टोन्स, 3 दिव्य सिद्धयंत्र, 106 वैष्णव तीर्थों का दिव्य कुंकुम, 1 करोड़ लक्ष्मी मंत्रों से अभिमंत्रित कुंकुम, 10 लाख आहूतियों से सिद्ध दिव्य यज्ञ भस्म, मूल्यवान धातुएं डाली जाएगी। विशेष बात यह है कि यहां से निकलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचेगा, उन्हें समर्पित दिव्य कलश को ग्रहण करने के बाद संसद में रखने के बाद पूरे भारत का कल्याण होने की प्रार्थना की जाएगी।


